Friday, 7 March 2008

मैया मे टू चंदर खिलौना ले हूं


सितारों से आगे है जहाँ
यह हमने है सुना
कहती है जमी
परवरिश करती हूँ !
पालती हूँ !
पोसती हूँ !
खिलाती हूँ !
पिलाती हूँ !
और एक दिन दूर,
सितारों के एक जहा से
आगे ले जाती हूँ !
जो है

साश्वत सत्य!

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